Friday, 11 September 2015





मेरा ख्‍वाब भी तू, मेरी हकीकत भी तू
मेरी आरजू भी तू मेरी जुस्‍तजू भी तू
साँझ भी तू, सवेरा भी तू
मेरी धड़कन आवाज दिल सब तू
मेरा अर्ज भी तू, मेरा मर्ज भी तू
मेरा दरिया भी तू मेरा समन्‍दर भी तू
मेरा जिस्‍म भी तू, मेरी रूह भी तू
मेरा सवाल भी तू, मेरी जवाब भी तू
अहसास भी तू, जज्‍बात भी तू
मेरी राह भी तू, मंजर भी तू
मेरे गीत भी तू मेरे मीत भी तू
मेरा इश्‍क भी तू मेरा अश्‍क भी तू

अब तू ही तू, हर तरफ है।

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